*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -बूढ़ा और घोड़ा*
*आज का पञ्चांग*
*दिनांक:- 02/04/2025, बुधवार*
पंचमी, शुक्ल पक्ष,
*चैत्र*
(समाप्ति काल)
तिथि————पंचमी 23:49:10 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— कृत्तिका 08:48:47
योग——— आयुष्मान 26:48:44
करण————– बव 13:06:38
करण———– बालव 23:49:10
वार———————– बुधवार
माह————————- चैत्र
चन्द्र राशि—————- वृषभ
सूर्य राशि—————— मीन
रितु———————— वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर—————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————— सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————– 1947
कलि संवत—————–5126
सूर्योदय————– 06:09:48
सूर्यास्त————– 18:35:57
दिन काल———— 12:26:09
रात्री काल————- 11:32:44
चंद्रोदय————– 08:42:36
चंद्रास्त—————–23:20:01
लग्न—- मीन 18°19′ , 348°19′
सूर्य नक्षत्र—————– रेवती
चन्द्र नक्षत्र—————- कृत्तिका
नक्षत्र पाया—————— लोहा
पद, चरण
ए कृत्तिका————- 08:48:47
ओ—- रोहिणी 14:18:52
वा—- रोहिणी 19:50:55
वी—- रोहिणी 25:25:03
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= मीन 18°40, रेवती 1 दे
चन्द्र= वृषभ 08°30 , कृतिका 4 ए
बुध =मीन 03°52 ‘ उ o भा o 1 दू
शु क्र= मीन 02°05, पू o फाo’ 4 दी
मंगल=मिथुन 29°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 3 हा
गुरु=वृषभ 21°30 रोहिणी, 4 वु
शनि=मीन 00°28 ‘ पू o भा o , 4 दी
राहू=(व) मीन 02°30 पू o भा o, 4 दी
केतु= (व)कन्या 02°30 उ oफा o 2 टो
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राहू काल 12:23 – 13:56 अशुभ
यम घंटा 07:43 – 09:16 अशुभ
गुली काल 10:50 – 12: 23अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:48 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:58 – 12:48 अशुभ
वर्ज्यम 23:33 – 25:03* अशुभ
प्रदोष 18:36 – 20:56 शुभ
💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:10 – 07:43 शुभ
अमृत 07:43 – 09:16 शुभ
काल 09:16 – 10:50 अशुभ
शुभ 10:50 – 12:23 शुभ
रोग 12:23 – 13:56 अशुभ
उद्वेग 13:56 – 15:29 अशुभ
चर 15:29 – 17:03 शुभ
लाभ 17:03 – 18:36 शुभ
🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:36 – 20:03 अशुभ
शुभ 20:03 – 21:29 शुभ
अमृत 21:29 – 22:56 शुभ
चर 22:56 – 24:22* शुभ
रोग 24:22* – 25:49* अशुभ
काल 25:49* – 27:16* अशुभ
लाभ 27:16* – 28:42* शुभ
उद्वेग 28:42* – 30:09* अशुभ
💮होरा, दिन
बुध 06:10 – 07:12
चन्द्र 07:12 – 08:14
शनि 08:14 – 09:16
बृहस्पति 09:16 – 10:19
मंगल 10:19 – 11:21
सूर्य 11:21 – 12:23
शुक्र 12:23 – 13:25
बुध 13:25 – 14:27
चन्द्र 14:27 – 15:29
शनि 15:29 – 16:32
बृहस्पति 16:32 – 17:34
मंगल 17:34 – 18:36
🚩होरा, रात
सूर्य 18:36 – 19:34
शुक्र 19:34 – 20:31
बुध 20:31 – 21:29
चन्द्र 21:29 – 22:27
शनि 22:27 – 23:25
बृहस्पति 23:25 – 24:22
मंगल 24:22* – 25:20
सूर्य 25:20* – 26:18
शुक्र 26:18* – 27:16
बुध 27:16* – 28:13
चन्द्र 28:13* – 29:11
शनि 29:11* – 30:09
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
मीन > 05:18 से 06:42 तक
मेष > 06:42 से 08:22 तक
वृषभ > 08:22 से 10:20 तक
मिथुन > 10:20 से 12:38 तक
कर्क > 12:38 से 14:54 तक
सिंह > 14:54 से 17:08 तक
कन्या > 17:08 से 19:24 तक
तुला > 19:24 से 21:36 तक
वृश्चिक > 21:36 से 00:00 तक
धनु > 00:00 से 02:16 तक
मकर > 02:16 से 03:50 तक
कुम्भ > 03:50 से 05:14 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
5 + 4 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
बुध ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
5 + 5 + 5 = 15 ÷ 7 = 1 शेष
कैलाश वास = शुभ कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*श्री पंचमी
*श्री राम जन्मोत्सव आरम्भ
*रोहिणी व्रत
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
बाहुवीर्य बलं राज्ञो ब्रह्मवित् बली ।
रूप-यौवन-माधुर्य स्त्रीणां बलमनुत्तमम् ।।
।। चा o नी o।।
एक शक्तिशाली आदमी से उसकी बात मानकर समझौता करे. एक दुष्ट का प्रतिकार करे. और जिनकी शक्ति आपकी शक्ति के बराबर है उनसे समझौता विनम्रता से या कठोरता से करे.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-15
एतां दृष्टिमवष्टभ्य नष्टात्मानोऽल्पबुद्धयः।,
प्रभवन्त्युग्रकर्माणः क्षयाय जगतोऽहिताः॥,
इस मिथ्या ज्ञान को अवलम्बन करके- जिनका स्वभाव नष्ट हो गया है तथा जिनकी बुद्धि मन्द है, वे सब अपकार करने वाले क्रुरकर्मी मनुष्य केवल जगत् के नाश के लिए ही समर्थ होते हैं॥,9॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से संपर्क बनेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। किसी बड़ी समस्या से निजात मिल सकती है। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
🐂वृष
स्वास्थ्य पर खर्च होगा। लापरवाही न करें। कार्य करते समय चोट लग सकती है। गृहिणियां विशेष ध्यान रखें। जल्दबाजी से बचें। अकारण विवाद हो सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। धनहानि की आशंका है। व्यापार व्यवसाय ठीक चलेगा।
👫मिथुन
कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी के इच्छुक लोगों को जीवनसाथी मिलने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेशादि सोच-समझकर करें। बाहर लंबी यात्रा की योजना बन सकती है। जीवन सुखमय गुजरेगा। उत्साह व प्रसन्नता रहेंगे। प्रमाद न करें।
🦀कर्क
शैक्षणिक व शोध इत्यादि रचनात्मक कार्य के परिणाम सुखद मिलेंगे। किसी मांगलिक व आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी।
🐅सिंह
दूर से अच्छे समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। विवाद से बचें। क्रोध न करें। कोई बड़ा काम तथा लंबी यात्रा की योजना बनेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पुराने विवादों का समापन होगा। उत्साह व प्रसन्नता की वृद्धि होगी। व्यापार निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे।
🙍♀️कन्या
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। प्रमाद से बचें।
⚖️तुला
नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। बेरोजगारी दूर होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। व्यापार निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। लंबी यात्रा हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🦂वृश्चिक
लापरवाही न करें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से आत्मसम्मान कम हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनहानि के योग हैं। जोखिम न लें। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। आर्थिक परेशानी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।
🏹धनु
डूबी हुई रकम प्राप्ति की संभावना बनती है। यात्रा लाभदायक रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। कारोबार में वृद्धि संभव है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। बुद्धि के कार्य करें। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रुके काम पूरे होंगे। प्रमाद न करें।
🐊मकर
सामाजिक मान-सम्मान प्राप्त होगा। कारोबार में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। लंबी व्यावसायिक यात्रा की योजना बन सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। काम पर पूरा ध्यान दे पाएंगे। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी।
🍯कुंभ
योजना फलीभूत होगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में अमन-चैन रहेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। निवेश शुभ रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा।
🐟मीन
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। वाणी में हंसी-मजाक समय व स्थिति को देखकर करें। शोक समाचार प्राप्त हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। मेहनत अधिक होगी। लाभ में कमी रह सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। फालतू बातों पर ध्यान न दें। व्यापार ठीक चलेगा।
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! बूढ़ा और घोड़ा !!*
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एक गांव में एक गरीब बूढ़ा रहता था। वह बहुत गरीब था, फिर भी उनके पास एक सुंदर सफेद घोड़ा था। इसके कारण, राजा के लोग भी उनसे ईर्ष्या करते थे।
उसे उस सफेद घोड़े को बेचने के लिए राजा के तरफ से अच्छी कीमत दी गई थी। लेकिन बूढ़ा आदमी यह कहते हुए मना कर देता था, “यह मेरे लिए सिर्फ घोड़ा नहीं है। वह एक व्यक्ति और मेरा अच्छा दोस्त है। क्या आप किसी व्यक्ति या दोस्त को बेच सकते हैं। नहीं, यह हमारे लिए संभव नहीं है।”
एक दिन सुबह जब वह खलिहान घर में गया तो उसने देखा कि घोड़ा वहां नहीं है। यह खबर गांव में जल्दी फैल गई और पूरा गांव उनके घर पर जमा हो गया।
गांव वालों ने कहा, “तुम मूर्ख बूढ़े हो। हर कोई उस घोड़े को पाना चाहता था। सभी जानते थे कि किसी दिन यह घोड़ा चोरी हो जाएगा। आप उस घोड़े को अच्छी कीमत पर बेच सकते थे। फिर भी आपने उसे रखा। अब घोड़ा चला गया है, यह आपका दुर्भाग्य है।”
बूढ़े आदमी ने जवाब दिया, “सच तो यह है कि घोड़ा स्थिर नहीं है। बाकी सब कुछ जो तुम कहते हो वह एक फैसला है। आप कैसे जानते हैं यह दुर्भाग्य है या नहीं?”
लोगों ने जवाब दिया, “हमें मूर्ख मत बनाओ। आपका सफेद घोड़ा चला गया है, यह आपका दुर्भाग्य है।”
गांव के लोग उस पर हंसे और चले गए। उन्होंने कहा कि वह पागल है। वह उस घोड़े को बेच सकता था और गरीबी में जीने की वजह एक बेहतर जीवन जी सकता था।
कुछ दिनों के बाद, सफेद घोड़ा जंगल से वापस आया। उसके साथ कुछ और जंगली घोड़े भी आए।
गांव के लोग फिर उनके घर पर इकट्ठा हो गए और बोले, “आप सही थे, यह दुर्भाग्य नहीं बल्कि आशीर्वाद है। अब आपके पास और भी सुंदर घोड़े हैं। आप उन्हें प्रशिक्षित कर सकते हैं और बेच सकते हैं।”
बूढ़े ने उत्तर दिया, “फिर से आप बहुत दूर जा रहे हो। बस आप यह कहें कि घोड़ा वापस आ गया है और अधिक घोड़ों का होना एक आशीर्वाद है। यह केवल एक टुकड़ा है, एक दिन यह भी गुजर जाएगा।”
इस बार गांव के लोग चुप रहे। बूढ़े आदमी के इकलौते बेटे ने घोड़ों को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों के बाद उन जंगली घोड़ों को प्रशिक्षण देने के दौरान, बूढ़े का बेटा घोड़े से गिर गया और उसके पैर टूट गया।
इस बात को सुनकर गांव के लोग इकट्ठे हो गए और बोले, “आप ठीक कह रहे थे, अधिक घोड़े होना कोई आशीर्वाद नहीं है। अब तुम्हारा बेटा इससे घायल हुआ है। इस बुढ़ापे में, अपने अपाहिज बेटे का क्या करोगे?”
बूढ़े ने उत्तर दिया, “इतनी दूर मत जाओ। इतना ही कहो कि मेरे बेटे की टांग टूट गई है। कौन जानता है कि यह दुर्भाग्य है या आशीर्वाद? किसी को नहीं मालूम।”
एक महीने बाद, युद्ध के कारण गांव के सभी युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसीलिए युवाओं के माता-पिता और गांव के सभी लोग रो रहे थे।
गांव के लोग बूढ़े आदमी के पास आए और कहा, “हमारे बेटे हमेशा के लिए चले गए। आपके बेटे की चोट लगना वरदान साबित हुई है। कम से कम वह जिंदा है और आपके साथ रह रहा है।”
बूढ़े ने उत्तर दिया, “कोई नहीं जानता।इतना ही कहो, हमारे बेटे को सेना में भर्ती होने के लिए मजबूर किया गया और आपके बेटे को मजबूर नहीं किया गया। लेकिन कोई नहीं जानता यह आशीर्वाद है या दुर्भाग्य है। केवल भगवान जानता है।”
*शिक्षा:-*
हमें किसी भी स्थिति का न्याय केवल उसी से नहीं करना चाहिए, जो हम देखते हैं। हम कभी यह नहीं जानते कि आगे क्या होने वाला है..!!
*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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